Ajit Dobal Bio & Wiki in hindi | अजीत डोभाल हिंदी में

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1.जन्म                      


2.शिक्षा

3.परिवार

4. कैरियर

5. पुरस्कार

6.रोचक तथ्य


आज हम भारत के पांचवे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Fifth National Security Advisor)  अजीत डोभाल के बारे में बात करेंगे, आज उनका जन्मदिन है, अजीत डोभाल (Ajit Dobhal) के बारे में यदि बात की जाए तो यह एक सेवानिवृत्त आईपीएस (IPS) अधिकारी रहे थे, 
अपनी सेवानिवृत्ति के बाद इन्हें भारत का पाचवा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Fifth National Security Advisor) 2014 में बनाया गया  इनसे पहले शिव शंकर मीणा भारत के चौथे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Fifth National Security Advisor) के पद पर कार्यरत थे, 
अजीत डोभाल (Ajit Dobal)  ने अपनी कुशलता और क्षमताओं के बल पर अपने 32 साल के जासूसी (SPY ) केरियर में इन्होंने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज कारनामे और उपलब्धियां हासिल की, जिनके बारे में आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताएंगे और इन्हें देश का जेम्स बांड भी कहा जाने लगा है, तो चलिए जानते हैं भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) अजीत डोभाल जी के बारे में



अजीत डोभाल की व्यक्तिगत जानकारी
वास्तविक नाम अजीत डोभाल
उपनाम अजीत
व्यवसाय 2014 से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
जन्मतिथि 20 जनवरी 1945
जन्मस्थान उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल
धर्म हिन्दू
जाति ज्ञात नहीं है

अजीत डोभाल की शिक्षा कहां से प्राप्त किए

अजीत डोभाल (Ajit Dobal) जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के ही एक मिलिट्री स्कूल से पूरी की, इसके बाद इन्होंने अर्थशास्त्र से m.a. करने के लिए आगरा विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया, और इनकी दिलचस्पी सिविल सेवा में जाने की होने के कारण, इन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद आईपीएस की तैयारी करने में लग गए, यह बहुत ही मेहनती और होनहार थे, और उसी मेहनत के दम पर वह केरल  कैडर के सत्र 1968 में एक आईपीएस (Ips) अफसर के रूप में चुने गए।



अजीत डोभाल का परिवार मैं कौन-कौन है?

अजीत डोभाल की परिवार की यदि बात की जाए तो इनके पिता का नाम गुननाद डोभाल था। जो एक मिलिट्री मेन थे ।अजीत डोभाल जी की शादी अनु डोबाल से हुई। जिनका  का पूरा नाम आरुणी डोभाल (Aruni Dobal) है। यह एक सोशल एक्टिविस्ट है, इनका जन्म भी पौड़ी गढ़वाल में ही हुआ है। अनु डोबाल (Anu Dobal) जी ने ग्रेजुएशन किया है। अजीत डोभाल तथा अनु डोबाल के 2 पुत्र है जिनका नाम शौर्य डोभाल (Shourya DObal) व विवेक डोभाल (Vivek Dobal) है। शौर्य डोभाल (Shourya DObal) एक बहुत अच्छे डिप्लोमेट (Diplomat) तथा विवेक डोभाल (Vivek Dobal) एक चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (Chartered financial analyst)  है।



अजीत डोभाल का परिवार
नाम अजीत डोभाल
पिता का नाम गुननाद डोभाल
माता का नाम ज्ञात नहीं है
भाई का नाम ज्ञात नहीं है
बहन का नाम ज्ञात नहीं है
पत्नी / पति का नाम अनु डोबाल
बेटे का नाम शौर्य डोभाल, विवेक डोभाल
बेटी का नाम ज्ञात नहीं है
गर्लफ्रेंड / बॉयफ्रेंड ज्ञात नहीं है

अजीत डोभाल जी की कैरियर की शुरुआत कहां से हुई

अजीत डोभाल जी (Ajit Dobal) ने आगरा यूनिवर्सिटी से इन इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद आईपीएस की तैयारी शुरू की, जिसमें अपनी मेहनत के दम पर उन्हें 1968 में केरल केरल से आईपीएस ऑफिसर चुना गया, इनके  आईपीएस ऑफिसर मैं चयन होने के 4 साल बाद लगभग सन 1972 में यह भारतीय खुफिया एजेंसी (Indian Intelligence Agency) जुड़े यहीं से इनके एक नए रूप में जासूसी में अपना कार्य इन्होंने प्रारंभ किया और यहीं से इनके केरियर की दमदार शुरुआत मानी जाती है। चलिए जानते हैं, इनके कुछ दमदार कार्यों के बारे में:- 

  1. मिजोरम शांति समझौता ( Mizoram peace agreement-1986) :- 
    अजीत डोभाल जी (Ajit Dobal) का मिजोरम शांति समझौते ( Mizoram peace agreement) में एक अहम रोल था। सबसे पहले हम मिजोरम शांति समझौता ( Mizoram peace agreement) क्या है ,इसके बारे में जानते हैं, भारत सरकार और मिंजो नेशनल फ्रंट(Mizo National Front) इनके  बीच एक समझौता 30 जून 1986 में किया गया,
    ऐसा कहा जाता है, कि भारत सरकार के मिजोरम राज्य के प्रति गैर संवेदनशील प्रशासन के रवैया से उत्तेजित होकर मिजो नेशनल फ्रंट (Mizo National Front)  ने एक अलगाववादी अभियान लाया था,जिसके कारण मिजो समाज हिंसा से ग्रस्त हो चुका था, हालांकि यह अभियान अजीत डोभाल जी (Ajit Dobal)  के कारण सफल रहा।क्योंकि अजीत डोभाल जी ने बहुत ही चतुराई से मिजोरम में उग्रवाद फैलाने वाले मिजो नेशनल फ्रंट के साथ 7 में से 6 कमांडरों को अपनी और कर लिया।जिससे मिजो नेशनल फ्रंट (Mizo National Front)  कमजोर हो गया
    इसके बाद एमएनएफ (Mizo National Front)  ने हिंसा त्याग कर भारतीय संविधान के तहत कार्य करने की घोषणा की, जिसके बदले में भारत सरकार ने मिजो नेशनल फ्रंट (Mizo National Front)  से संबंधित उग्रवादियों को मुख्यधारा मे लाने के लिए सहायता की और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया मिजोरम शांति समझौते में अहम रोल अजीत डोभाल जी ने निभाया।
  2. ऑपरेशन ब्लैक थंडर (Operation Black Thunder -1988) :-
    सन 1988 में स्वर्ण मंदिर के पास जनरैलसिंह भिंडरावाले (Janrail Singh Bhindranwale)  का दबदबा होता था, और यह खालिस्तानी अलगाववादियों का राज चलता था,उस समय अजीत डोभाल जी ने एक रिक्शावाला बनकर खालिस्तानी अलगाववादियों को विश्वास दिलाने में कामयाब हुए थे, कि वह एक पाकिस्तानी आईएसआई जासूस है। उन्हें यह सब करने में 10 दिन का समय लगा था,
    स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले का खौफ ऐसा था कि वहां कोई भी घुसने की हिम्मत नहीं करता था, ऐसी स्थिति में ऑपरेशन ब्लैक थंडर से 2 दिन पहले अजीत डोभाल जो एक रिक्शावाले के भेष में स्वर्ण मंदिर के अहाते में घुसकर वहां अलगाववादियों की असली पोजीशन और संख्या के बारे में महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी को बाहर लाकर भारतीय खुफिया तंत्र को दी जिससे हमारे सुरक्षा बलों को बहुत फायदा हुआ और अजीत डोभाल द्वारा दी गई जानकारी से खालिस्तानी यों की पूरी योजना हमारे सुरक्षा बलों को पता चल गई और अजीत डोभाल द्वारा दी गई सटीक जानकारी के कारण ही ब्लैक थंडर ऑपरेशन (Operation Black Thunder) कामयाब रहा था।
  3. कंधार प्लान हाईजैक ( Kandahar Plan Hijack- 1999):-
    जब सन 1999 में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा भारतीय हवाई जहाज को हाईजैक (hijack) करकंधार ले जाया गया था, तब हमारे पास में सुरक्षा सलाहकार थे जिन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी.कि वह आतंकवादियों से बात करेंगे वह अपने जहाज में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाएंगे,इस जिम्मेदारियों को अजीत डोभाल जी ने बखूबी निभाया और इसे पूरा करने में वह सफल भी रहे
  4. पाकिस्तान में 7 साल रहकर जासूसी :- 
    अजीत डोभाल जी ने अपनी कैरियर के लगभग 7 साल पाकिस्तान में रह कर, वहां की कई सारी महत्वपूर्ण जानकारियां भारतीय सुरक्षा एजेंसी को भेजी, अजीत डोभाल जी सब पाकिस्तान में रह रहे थे, तो उन्हें अपना धर्म बदल कर यहां रहना पड़ा था,अजीत डोभाल अपना एक किस्सा पाकिस्तान (Pakistan) का सुनाते हैं, कि जिसमें उन्हें एक पाकिस्तानी द्वारा पहचान लिया गया था, कि वह एक हिंदू है|
    पहचानने का कारण पूछने पर उस आदमी द्वारा बताया गया कि वह भी हिंदू है, और अजीत जी के कान में छेद होने के कारण, उसने उन्हें प्लास्टिक सर्जरी करने की नसीहत दी थी, पाकिस्तान में रहते हुए अजीत डोभाल जी ने भारत की खुफिया एजेंसी को कई महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया कराई थी
  5. Director of the IB(2004-05):-
    अजीत डोभाल जी ने आईबी के डायरेक्टर का पद भी संभाला और अपने इस पद के रूप में पूरी इमानदारी के साथ कार्य किया,जनवरी सन 2005 में अजीत जी इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए।
  6. विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (2009)
    सन 2009 में अजीत डोभाल जी विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक निर्देशक बने, स्वतंत्र और गैर पक्षपात भेजो अनुसंधान और गहन अध्ययन को बढ़ावा  देती है।
  7. 5वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Fifth National Security Advisor) :-
    अजीत डोभाल जी 30 मई 2014 को भारत के पांचवें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Fifth National Security Advisor) के रूप में नियुक्ति मिली, जिस पद का निर्वाह अजीत डोभाल आज किया जा रहा है, 2014 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्य करने के बाद अजीत डोभाल (Ajit Dobal) जी ने कई महत्वपूर्ण कार्य की जिन्हें हम एक-एक करके समझते हैं

  • जून 2014 में इराक के tikrik में 46 भारतीय नर्से एक अस्पताल में फस चुकी थी, क्योंकि आईएसआईएस (ISIL) द्वारा मौजूद पर कब्जा कर लिया था। जिन को बचाने के लिए और उनकी स्थिति समझने के लिए अजीत डोभाल जी ने एक गुप्त उड़ान भरी और इराकी सरकार से उच्चस्तरीय संपर्क बनाया इसका परिणाम यह रहा, कि 5 जुलाई 2014 को isil आतंकवादियों ने नर्सों को (अरबिल) erbil शहर में कूर्द के अधिकारियों को सौंप दिया और जिन्हें भारत सरकार (INDIAN GOVT) द्वारा एक विशेष विमान द्वारा भारत के कोच्चि वापस लाया जा सका।
  • म्यांमार  की सीमा पर हो रहे एक अलगाववादी नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ  नागालैंड (National Socialist Council of Nagaland) के खिलाफ सैन्य अभियान योजना अजीत डोभाल और सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने बनाई , इस ऑपरेशन में नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड से संबंधित 20 से 38 अलगाववादी मारे गए अजीत डोभाल के कारण म्यानमार सरकार ने इसे पूरी तरह भारतीय पक्ष के लिए किया गया ऑपरेशन  बताया।
  • अजीत डोभाल को राजनायिक चैनलों और वार्ताओं के माध्यम से डोकलाम गतिरोध को हल करने के लिए उस समय के विदेश सचिव एस जयशंकर और चीन मैं भारतीय राजदूत विजय केशव गोखले के साथ अधिक श्रेय दिया जाता है।
  • भारत द्वारा पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की सारी जिम्मेदारी अजीत डोभाल पर सौंपी गई थी, जिसे उसने बहुत ही निष्ठा के साथ निभाया था और इसी स्ट्राइक को सफल बनाने का श्रेय उन्हीं को दिया जाता है
  • जब सरकार द्वारा संसद में कानून बनाकर धारा 370 को हटाया गया और जम्मू कश्मीर को एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, उस समय भी अजीत डोभाल को जम्मू कश्मीर में शांति बहाल करने केलिए जिम्मेदारी दी गई थी

अजित डोभाल को दिए गए पुरस्कार:-

  1. श्रीमान अजीत डोभाल जी को राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक (Police Medal) से सम्मानित किया गया।
  2. गोपाल जी अपनी सेवा के लिए पुलिस पदक प्राप्त करने वालेसबसे युवा पुलिस अधिकारी थे, अपनी सेवा में 6 वर्ष बाद ही मिल चुका था।
  3. अजीत डोभाल को 1988 में वीरता पुरस्कारों में सर्वोच्च पुरस्कार कीर्ति चक्र प्रदान किया गया है जो की एक सैनिक सम्मान है।


अजीत डोभाल जी के बारे में कुछ  सुने अनसुने पहलुओं के बारे में जानते हैं

  1. अजीत डोभाल जी को भारत का जेम्स बांड भी  कहां जाता है
  2. यह पाकिस्तान में लगभग 7 साल अपना धर्म बदल कर भारतीय खुफिया एजेंसी  के लिए जासूसी कर चुके हैं
  3. ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान उन्होंने एक जासूस की भूमिका निभाकर भारतीय सुरक्षा  बलों को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध करवाई थी, जिसके कारण ही वह सैन्य ऑपरेशन सफल हुआ था
  4. इनके पिता गुण नाथ एक आर्मी ऑफिसर थे
  5. यह एक सबसे युवा पुलिस अधिकारी है, जिन्होंने भारतीय पुलिस पदक प्राप्त किया है
  6. कीर्ति चक्र पाने वाले पहले पुलिस अधिकारी है
  7. ऐसा माना जाता है कि 1971 से 1999 के बीच अजीत डोभाल ने इंडियन एयरलाइंस के विमानों को 15 बार अपहरण होने से पहले रोका था।